अगर आप भी आपकी कार, बाइक या स्कूटर की बैटरी की लाइफ बढ़ाना चाहते हैं तो यहां हम आपको कुछ जरूरी टिप्स बता रहे हैं.

हर गाड़ी में उसकी बैटरी का भी खास रोल होता है, लेकिन अक्सर लोग बैटरी पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और एक दिन अचानक बैटरी डाउन पड़ जाती है और गाड़ी स्टार्ट नहीं हो पाती. इतना ही नहीं कई बार लम्बे समय से गाड़ी खड़ी रहने से भी बैटरी की सेहत खराब हो सकती है. ऐसे में हम आपको बैटरी रखरखाव को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं. आइए जानते हैं.

बैटरी के टर्मिनल पर ग्रीस लगाने बचें
सर्विस कराते समय अक्सर मैकेनिक बैटरी के टर्मिनल पर ग्रीस लगा देते हैं जोकि ठीक नहीं है, बैटरी एक्सपर्ट मानते हैं कि टर्मिनल पर ग्रीस लगाने से बैटरी खराब हो सकती है. इसलिए ग्रीस की जगह पैट्रोलियम जैली या फिर वैसलीन का इस्तेमाल किया जा सकता है.

न करें रश ड्रा​इविं
अधिक ड्राइविंग से भी कार की बैटरी पर असर पड़ता है। इससे इंजन पर दबाव अधिक पड़ता है। साथ ही यदि आप रोजाना ड्राइविंग नहीं करते और सिर्फ कम दूरी तक ही सफर करते हैं, तो भी आपकी कार की बैटरी जल्द खराब हो सकती है।

बैटरी की खराब सेहत का पता ऐसे लगायें
अगर आप की गाड़ी स्टॉर्ट होने में प्रॉब्लम हो रही हो या ड्राइव करते समय अगर हॉर्न ठीक से न बजे , रात में ड्राइव करते समय अगर हेडलाइट कम या ज्यादा हो रही हो, समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है. इसके अलावा अगर बैटरी के टर्मिनल के आस-पास सफेद निशान देखने को मिले तो यह बैटरी के खराब होने के संकेत हैं. इतना ही नहीं यदि स्पीडो मीटर में बैटरी की लाइट ठीक से नहीं दिख रही तो समझ जाना चाइये की बैटरी खराब हो रही है.

बैट्री की लाइफ बढ़ाने के कुछ आसान तरिके

1 डिस्टिल्ड वॉटर का पानी करें इस्तेमाल
कार की बैटरी में डिस्टिल्ड वाटर ही यूज करें। साधारण पानी या एसिड के प्रयोग से बैटरी की लाइफ पर बुरा असर पड़ता है। इससे बैटरी की प्लेट्स खराब रहने की भी आाशंका रहती है।

2 कुछ देर के लिए स्टार्ट करके रखें
अगर आप गड़ी को काम चलते हो तो अपनी गाड़ी को एक दिन छोड़कर एक दिन कुछ देर के लिए स्टार्ट करके रखें, इससे बैटरी चार्ज हो जाएगी. इसके अलावा इस बात पर भी गौर करें तो बैटरी अपनी जगह पर बिलकुल फिट है या नहीं, क्योकिं कई बार कमजोर फिटिंग के चलते बैटरी को नुकसान होत।

3 बैटरी के पानी के स्तर
सप्ताह में एक बार बैटरी टर्मिनल के पास जमा एसिड को साफ करें। साथ ही बैटरी के पानी के स्तर को नियमित रूप से जांचते अवश्य रहें।