पान एक परंपरागत फसल साथ साथ पान का इस्तेमाल
पान तो आप सभी ने कभी ना कभी जरूर खाया होगा।पान एक माउथ फ्रेशनर के साथ साथ आपके शरीर के लिए बहुत उपयोगी होता है। हर उम्र के लोग इसका सेवन कर सकते हैं।पान एक बहुवर्षीय बेल है, जिसका उपयोग हमारे देश में पूजा-पाठ के साथ-साथ खाने में भी होता है। पान एक परंपरागत फसल है और पान पाइपरेसी कुल का पौधा है। यह तांबूली या नागवल्ली नामक लता का पत्ता है। भारत में पान की अलग ही अहमिय है वैसे तो इसका सेवन केवल एक शौक के तौर पे किया जाता है

धार्मिक पूजा पाठ व सभी सांस्कृतिक
पान का इस्तेमाल भारत में धार्मिक पूजा पाठ व सभी सांस्कृतिक कार्यों में किया जाता है। भारत के लगभग सभी राज्यों में इसकी खेती की जाती है। कई लोग इसको अपने घरों में भी उगाते हैं इसकी बेल बहुत आसानी से कहीं भी लगाई जा सकती है।भारतीय परंपराओं, रीति-रिवाजों में बेताल के पत्ते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सभी शुभ वैदिक कार्यों या पूजा में सुपारी की आवश्यकता होती है। ऐसा माना जाता है कि स्वयं भगवान शिव और पार्वती ने हिमालय पर्वतमाला में पान के बीज बोए थे।

पान की खेती किस प्रकार करें
सबसे पहले अपने ज़मीन की जांच करा लें। खेत की प्रथम जुताई अप्रैल-मई महीने में मिट्टी पलटने वाले हल से कर देनी चाहिए ताकि सूर्य की कड़ी धूप से मिट्टी में उपस्थित हानिकारक कीड़े-मकोड़े के अंडे, लारवा, प्यूपा मर जाएं तथा मिट्टीजनित फफूंद/जीवाणु के बीजाणु, सूत्रकृमि एवं खर-पतवार नष्ट हो जाए। मिट्टी को भुरभुरी कर देनी चाहिए। पान की खेती बरेजा बनाकर की जाती है क्यों की ये एक लतादार पत्ते की खेती होती है।

पान की मुख्य किस्में (Types of Paan)
बनारसी, सोंफिया, बंगला,देशावरी ,मीठा साँची ,
कलकतिया ,कपूरी ,बंगला ,मघई

पान खाने से होने वाले अदभुद फायदे
एंटिसेप्टिक = क्या आप जानते है कि पान का पत्ता सिर्फ खाने में ही नहीं बल्कि हम इसको एंटिसेप्टिक की तरह इस्तेमाल कर सकते है। इसको आप छोटी मोटी खरोंच या चोट में भी इस्तेमाल कर सकते है। चोट और खरोंच की जगह इसको बांधने से आपको इससे आराम मिल जाएगा।

नकसीर फूटना = अगर आपकी नकसीर फूटती है तो आपको बिल्कुल भी नहीं घबराना है। इसके लिए आपको पान के पत्ते को सूंघना है औऱ ऐसा करने से आपकी नकसीर बहनी बंद हो जाएगी।

आंखे लाल होना = अगर आप किसी कारणवश रात को जागते है या आपको कोई थकान होती है। इस कारण कभी कभी आपकी आंखे एकदम सुर्ख लाल हो जाती है। इसके लिए आपको पान के पत्तों को पानी में उबालकर उसी पानी की छीटें आंखो पर मारनी है। ऐसा करने से आपको आराम मिल जाएगा।

आवाज मोटी होना = आपको बता दें कि अगर आपकी आवाज मोटी होती जा रही है तो आपको इसके लिए पान का सेवन करना चाहिए। इससे आपकी आवाज पतली होगी। पान का पानी पीने से आपके गले की समस्याओं का समाधान हो जाता है।

मसूड़ों की समस्या = आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोगो के मसूड़ों से खून आता है। अगर आपको ऐसी समस्या है तो इसके लिए आपको पान के साथ उबाले गए पानी के साथ कुल्ला करने से राहत मिल जाती है। आप गरारा भी कर सकते है।

ब्रोकाइटिस = अगर आपको ब्रोकाइटिस की समस्या है तो इसके लिए आपको पान के 7 पत्तो को 1 गिलास पानी के साथ चीनी डालकर उबाले। जब ये खोलते हुए एक गिलास रह जाए तब दिन में 3 बार इसका सेवन करें। ऐसा करने से ब्रोकाइटिस में लाभ मिल जाता है।

कफ की समस्या = है तो आपको पान के पत्तो और पानी को चीनी मिलाकर उबालना है औऱ बाद में इसका सेवन करना है। इससे आपकी कफ की समस्या खत्म हो जाती है।

शरीर की बदबू = आपके शरीर से अगर औरों के मुकाबले ज्यादा बदबू आती है तो आपको पान के दो पत्तो को उबालकर दोपहर मे इस पानी का सेवन करना है। इससे आपकी ये समस्या खत्म हो जाएगी।

खुजली = अगर आपको खुजली है तो आपको आपको पान के पत्तों के से उबले पानी से नहाने में आराम मिल सकता है